ऋषिकेश गोविंद नगर डंपिंग ग्राउंड में कचरा निस्तारण को लेकर नगर निगम ने बड़े दावे किए

ऋषिकेश गोविंद नगर डंपिंग ग्राउंड में कचरा निस्तारण को लेकर नगर निगम ने बड़े दावे किए

स्थान – ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

गोविंद नगर स्थित नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड में लंबे समय से सड़ रहे हजारों मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण को लेकर नगर निगम ने नया दावा किया है। अप्रैल 2026 से नया कचरा डंपिंग ग्राउंड में नहीं डाले जाने और पुराने कचरे को अगले छह महीने में पूरी तरह हटाने का आश्वासन दिया गया है।

नगर निगम ने इस कार्य के लिए शासन से 6.79 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करवाई है। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी और उसके बाद कचरा निस्तारण का कार्य शुरू होगा।

अप्रैल महीने में नगर निगम ने लाल बीट क्षेत्र में निर्माणाधीन कचरा निस्तारण प्लांट के शुरू होने की जानकारी भी दी है। दावा यह किया गया है कि 15 दिनों में मशीनें इंस्टॉल कर दी जाएंगी और नया कचरा इसी प्लांट में भेजा जाएगा। इसके साथ ही गोविंद नगर के डंपिंग ग्राउंड से पुराने कचरे को भी निस्तारित किया जाएगा।

नगर निगम महापौर शंभू पासवान और नगर आयुक्त ने डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण भी किया। मीडिया के सामने दोनों ने स्पष्ट किया कि इस बार उनके दावों की हवा नहीं निकलेगी और कचरा निस्तारण योजना धरातल पर सफल होगी।

हालांकि, जनता का कहना है कि नगर निगम के गठन के सात साल बीत चुके हैं और गोविंद नगर डंपिंग ग्राउंड से कचरा हटाने के दावे कई बार किए जा चुके हैं। बार-बार दावे के बावजूद काम समय पर पूरा नहीं हुआ, जिससे लोगों में संशय बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने चिंता जताई कि गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है और सड़ रहा कूड़ा कई प्रकार की बीमारियों को जन्म दे सकता है। उन्होंने चेताया कि यदि इस बार नगर निगम अपने दावों को जमीन पर नहीं उतारता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता के पास विकल्प खुलेंगे।

नगर निगम का कहना है कि इस बार योजना का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और कचरा निस्तारण के काम में तेजी लाई जाएगी। अब यह देखने की बात है कि ये बड़े दावे धरातल पर कितने कारगर साबित होते हैं।