ज्योर्तिमठ में ईको टूरिज्म प्रशिक्षण शिविर, युवाओं ने सीखे बर्ड वाचिंग के गुर

ज्योर्तिमठ में ईको टूरिज्म प्रशिक्षण शिविर, युवाओं ने सीखे बर्ड वाचिंग के गुर

स्थान – ज्योर्तिमठ
ब्यूरो रिपोर्ट

नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क के सहयोग से ज्योर्तिमठ के ढाक क्षेत्र में “ईको टूरिज्म ट्रेनिंग फॉर माउंटेन गाइड्स” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर का संचालन डीएफओ अभिमन्यु के निर्देशन में किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के युवाओं को प्रकृति पर्यटन और पारिस्थितिकी संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।

इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य ऐतिहासिक लार्ड कर्ज़न/कुंवारी पास ट्रैक रूट के आसपास स्थित गांवों तुगासी, करछी, रेगड़ी, करछो और ढाक के युवाओं को ट्रैकिंग और प्रकृति पर्यटन से जोड़ना है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में ईको टूरिज्म, बर्ड वाचिंग और जिम्मेदार पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंडिया हाईक और बर्ड वाचिंग क्लब औली के विशेषज्ञ युवाओं को ईको टूरिज्म और नेचर गाइड बनने के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस कार्यक्रम में लगभग 45 स्थानीय युवक-युवतियां प्रतिभाग कर रहे हैं।

शिविर के दौरान वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज अधिकारी चेतना काण्डपाल ने प्रशिक्षुओं को वन्य जीवन, फायर सेफ्टी, वनाग्नि रोकथाम, जैव विविधता संरक्षण और विश्व धरोहर स्थलों के महत्व के बारे में जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन बर्ड वाचिंग क्लब औली के नेचर एक्सपर्ट संजय कुंवर और इंडिया हाईक के टीम मैनेजर अभिषेक भान ने प्रतिभागियों को पक्षी अवलोकन, पक्षियों के व्यवहार, पहचान और प्रवासी पक्षियों के बारे में विस्तार से बताया।

प्रशिक्षुओं को माउंटेन नेचर गाइड की जिम्मेदारियां, ट्रैकिंग पर्यटन का महत्व, वाइल्ड लाइफ संरक्षण और नेचर ट्रेल व कैंपसाइट के प्रति सम्मान जैसे विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। करछी फॉरेस्ट ट्रेल में युवाओं को बर्ड वाचिंग का अभ्यास कराया गया, जहां उन्होंने येलो बिल्ड ब्लू मैगपाई, कॉमन कैस्ट्रॉल, बोनली ईगल, ग्रीन बैक टिट और स्कारलेट मिनिवेट जैसे कई पक्षियों का अवलोकन किया।

कार्यक्रम के दौरान नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप वन क्षेत्र अधिकारी नरेंद्र लाल शाह ने भी प्रशिक्षुओं को वन्य जीवों के व्यवहार और उनके संरक्षण के बारे में महत्वपूर्ण टिप्स दिए। प्रशिक्षण शिविर के लिए सभी प्रतिभागियों के रहने और खाने की व्यवस्था भी नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क द्वारा की गई है।