अवैध मीट की दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी

अवैध मीट की दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी

स्थान : हरिद्वार

ब्यूरो रिपोर्ट

नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रही मीट की दुकानों को हटाना नगर निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शहर के आबादी वाले इलाकों में कई स्थानों पर बिना अनुमति और बिना लाइसेंस के मांस की बिक्री की जा रही है।

नगर निगम प्रशासन ने करीब एक वर्ष पहले शहर के बाहर मीट की दुकानों को शिफ्ट करने के उद्देश्य से 58 दुकानों का निर्माण कराया था। इन दुकानों का मकसद था कि शहर के भीतर चल रही मीट की दुकानों को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जा सके, लेकिन अब तक अधिकांश दुकानदार वहां शिफ्ट नहीं हुए हैं।

नगर निगम द्वारा हाल ही में किए गए सर्वे में ज्वालापुर क्षेत्र के मोहल्ला कस्साबान और बकरा मार्केट में बड़ी संख्या में मीट की दुकानों के संचालन का खुलासा हुआ है। सर्वे के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 60 से 70 दुकानें संचालित हो रही हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से लगभग 40 दुकानों के पास फूड सेफ्टी विभाग का लाइसेंस भी नहीं है। इसके बावजूद ये दुकानें खुलेआम मांस की बिक्री कर रही हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में मीट की दुकानों के संचालन से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है। साथ ही इससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी पैदा हो रहे हैं।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में अवैध रूप से चल रही दुकानों को चिन्हित किया जा रहा है और जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि सभी दुकानदारों को नगर निगम द्वारा बनाए गए नए मीट मार्केट में शिफ्ट करने की योजना है, ताकि शहर के भीतर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

नगर निगम प्रशासन का दावा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध रूप से चल रही दुकानों को बंद कराया जाएगा।