
स्थान : लोहाघाट (चंपावत)

ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट के निकटवर्ती ग्राम सभा राईकोट में ग्राम हित और सामाजिक सुधार को लेकर एक सामूहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने गांव के विकास और सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान सरोज कुवर ने की। कार्यक्रम का संचालन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष गिरीश कुवर ने किया, जबकि प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुवर के नेतृत्व में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


बैठक के दौरान ग्राम सभा में सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने और गांव में अनुशासन बनाए रखने के लिए कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों की सर्वसम्मति से इन प्रस्तावों को मंजूरी भी दी गई।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुवर और गिरीश कुवर ने बताया कि अब से गांव के मंदिरों या किसी भी धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कोई भी व्यक्ति शराब पीकर नहीं आएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा शादी, बारात, नामकरण, जनेऊं, वार्षिक कार्यक्रम या अन्य किसी आयोजन के दौरान कोई भी ग्रामीण भोजन घर लेकर नहीं जाएगा। जिन लोगों को निमंत्रण दिया जाएगा, उन्हें आयोजन स्थल पर ही भोजन करना होगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गांव में होने वाली शादियों में कॉकटेल पार्टी या ओपन बार की अनुमति नहीं होगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर भी पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।

ग्राम सभा ने यह भी तय किया कि गांव में कोई भी व्यक्ति शराब की बिक्री नहीं करेगा। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि जो भी परिवार किसी आयोजन में सार्वजनिक बर्तनों का उपयोग करेगा, उसे गांव के सार्वजनिक कोष में 1100 रुपये जमा करने होंगे। इस धनराशि का उपयोग गांव के विकास कार्यों में किया जाएगा।
बैठक में जुआ खेलने पर भी सख्त प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया। यदि गांव में कोई व्यक्ति जुआ खेलता हुआ पकड़ा गया तो उस पर प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम गांव में होने वाले किसी भी पारिवारिक कार्यक्रम पर भी लागू रहेगा।
ग्राम प्रधान सरोज कुवर ने कहा कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य गांव से सामाजिक बुराइयों को समाप्त करना और अन्य ग्राम सभाओं को भी जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि शराब और जुआ जैसी कुरीतियां समाज को कमजोर करती हैं, इसलिए इनका बहिष्कार जरूरी है।
बैठक में मौजूद सभी ग्रामीणों ने इन निर्णयों का समर्थन किया और नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। वहीं गांव की मातृशक्ति ने भी इन फैसलों पर खुशी जाहिर की और इसे समाज के लिए सकारात्मक कदम बताया।

