हल्द्वानी में यूजीसी के समर्थन में रैली की तैयारी, भीम आर्मी कार्यालय में बैठक

हल्द्वानी में यूजीसी के समर्थन में रैली की तैयारी, भीम आर्मी कार्यालय में बैठक

स्थान : हल्द्वानी

ब्यूरो रिपोर्ट

हल्द्वानी में भीम आर्मी के जिला कार्यालय में 15 मार्च को प्रस्तावित यूजीसी के समर्थन में निकाली जाने वाली रैली को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रैली को भव्य और प्रभावी बनाने के लिए रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष नफीस अहमद खान ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुलेमान मलिक ने किया। बैठक में भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस दौरान कार्यकर्ताओं को रैली की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में तय किया गया कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को यूजीसी से संबंधित जानकारी देंगे और उन्हें रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे।

जिलाध्यक्ष नफीस अहमद खान ने कहा कि रैली को सफल बनाने के लिए जनपद नैनीताल के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीमताल, कालाढूंगी, रामनगर, बैलपड़ाव और लालकुआं समेत अन्य क्षेत्रों की कार्यकारिणी से संपर्क कर कार्यकर्ताओं को रैली में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रैली को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के लिए 13 और 14 मार्च को विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत अलाउंसमेंट करवाने के साथ-साथ नुक्कड़ सभाओं का भी आयोजन किया जाएगा।

बैठक में सिराज अहमद ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित और मुस्लिम समाज के छात्रों के साथ उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उनका कहना था कि यूजीसी एक्ट 1956 से लागू है और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता को बढ़ावा देना है।

उन्होंने बताया कि पहले यह प्रावधान मुख्य रूप से एससी और एसटी वर्ग तक सीमित था, लेकिन वर्ष 2026 में इसमें कुछ बदलाव कर ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। उनके अनुसार यह एक्ट पूरी तरह समानता के सिद्धांत पर आधारित है।

जी.आर. टम्टा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार दिया है और इस अधिकार की रक्षा करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट किसी प्रकार की रोक लगाता है तो संसद में विधेयक लाकर इसे कानून के रूप में पारित किया जाना चाहिए।

बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने रैली को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं।

कार्यक्रम में जी.आर. टम्टा, सिराज अहमद, नफीस अहमद खान, आमिर खान, सुलेमान मलिक, अनवर अंसारी, सखावत हुसैन, आर.पी. गंगोला, संजय कुमार टम्टा, रितिक कांत, सुंदरलाल बौद्ध, महेश चंद्र आर्य, खीम चंद्र, महेश आर्य, संतोष आर्य, प्रेम राम आर्य, सुरेश चंद्र बेरी और मदन राम सहित कई लोग उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में सभी कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर रैली में भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।