
ब्यूरो रिपोर्ट
स्थान : ऋषिकेश

तीर्थ नगरी ऋषिकेश में चंद्र ग्रहण के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा के तट पर पूजा अर्चना की। त्रिवेणी घाट पर आयोजित हवन में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।

श्रद्धालुओं ने ग्रहण के समय विशेष मंत्रोच्चारण और हवन के माध्यम से पुण्य की प्राप्ति के लिए पूजा अर्चना की। यह अवसर धार्मिक अनुष्ठानों और आत्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।


हवन के दौरान श्रद्धालुओं ने दान और सेवा का विशेष महत्व दर्शाया। उन्होंने जरूरतमंदों और मंदिरों में दान देकर धार्मिक कर्तव्य का पालन किया।

त्रिवेणी घाट का वातावरण इस दौरान अत्यंत पवित्र और शांतिपूर्ण दिखाई दिया। भक्तों ने मंत्रों का उच्चारण और दीप प्रज्वलित कर वातावरण को धार्मिक ऊर्जा से भर दिया।

स्थानीय पुजारियों ने कहा कि चंद्र ग्रहण के समय गंगा के तट पर की गई पूजा से आत्मा और मन दोनों को शांति मिलती है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर अपने परिवार और मित्रों के कल्याण की कामना की। साथ ही, उन्होंने आने वाले समय में धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने का संकल्प लिया।

ग्रहण के समय आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम ऋषिकेश की आध्यात्मिक गरिमा को और भी प्रबल करता दिखा।

