बाजपुर प्रकरण पर घमासान—पत्रकार की गिरफ्तारी से सियासत गरम

बाजपुर प्रकरण पर घमासान—पत्रकार की गिरफ्तारी से सियासत गरम

स्थान -उधम सिंह नगर

ब्यूरो रिपोट

उत्तराखंड के बाजपुर में एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। डिजिटल पत्रकार विमल भारती उर्फ गोल्डी निर्भीक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

पत्रकार का आरोप है कि 11 नवंबर 2025 को पुलिस विभाग के भीतर अवैध पोस्टिंग के खेल को उजागर करने के 24 घंटे के भीतर उनके घर पर कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि बिना पूर्व नोटिस जेसीबी लेकर पहुंची टीम ने उनके घर को निशाना बनाया और उन्हें जबरन उठाकर ले जाया गया।

गोल्डी निर्भीक ने दावा किया है कि बन्नाखेड़ा चौकी में उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, उनकी डिजिटल सामग्री नष्ट की गई और पेशेवर पहचान से जुड़े दस्तावेज डिलीट कर दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही राष्ट्रपति, राज्यपाल और पुलिस महानिदेशक को अपनी जान को खतरा होने की सूचना दी थी। इसके बावजूद सुरक्षा देने के बजाय पुलिस ने ही कार्रवाई की। इन आरोपों ने मानवाधिकार संगठनों और पत्रकार संगठनों को भी सक्रिय कर दिया है।

वहीं उत्तराखंड पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पुलिस विभाग का कहना है कि पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और मारपीट या उत्पीड़न के आरोप निराधार हैं। विभाग के अनुसार मामले की जांच नियमानुसार चल रही है।

मामले में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा रही है और प्रशासनिक कार्रवाई का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, मामले से संबंधित शिकायतें उच्च न्यायालय और अनुसूचित जाति आयोग तक भी पहुंची हैं। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अब तक किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है। जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

यह मामला अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और मानवाधिकारों की सुरक्षा जैसे व्यापक मुद्दों से जुड़ गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर दोष सिद्ध होता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर इस मामले की जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है।