
स्थान : हरिद्वार

ब्यूरो रिपोर्ट

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ फाउंड्री गेट पर विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चार नई श्रम संहिताओं को रद्द करने और बीएचईएल के 5 प्रतिशत शेयर बेचने के फैसले का कड़ा विरोध जताया।


सभा का संचालन बीएमकेपी के उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता ने किया, जबकि अध्यक्षता एटक के संरक्षक एम.एस. त्यागी ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन श्रमिकों के हक और हितों की रक्षा के लिए किया गया।

इंटक के महामंत्री राजबीर सिंह ने कहा कि 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह चार नई श्रम संहिताओं को लागू करना श्रमिक हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह नीति श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करती है।

प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और विनिवेश नीति पर रोक लगाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि ऐसे कदम से उद्योग में बेरोजगारी बढ़ेगी और श्रमिकों की स्थिति कमजोर होगी।


यूनियनों ने न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रतिमाह, मोटर वाहन अधिनियम 2023 को वापस लेने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और संविदा श्रमिकों को नियमित करने की मांगें भी उठाईं।

प्रदर्शन के दौरान जोरदार नारेबाजी हुई और सभी यूनियनों ने एकजुट होकर अपनी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केवल संघर्ष और आवाज उठाने से ही श्रमिक हितों की रक्षा संभव है।
अंत में प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन भेजा, जिसमें सभी मांगों का उल्लेख किया गया और तत्काल कार्रवाई की अपील की गई।

