चकराता में बर्फबारी से बढ़ी रौनक, पर्यटकों से गुलजार हुई वादियां

चकराता में बर्फबारी से बढ़ी रौनक, पर्यटकों से गुलजार हुई वादियां

स्थान – चकराता
ब्यूरो रिपोर्ट

चकराता की हसीन वादियां इन दिनों बर्फबारी के चलते पर्यटकों से गुलजार नजर आ रही हैं। हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी से जहां पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग उत्साहित हैं, वहीं इसे बागवानी, खेती-किसानी और जल स्रोतों के लिए भी बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

आमतौर पर चकराता और आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर नवंबर–दिसंबर में बर्फबारी होती है, लेकिन इस बार लंबे इंतजार के बाद जनवरी के आखिरी सप्ताह में बर्फबारी देखने को मिली।

बीती 23 जनवरी को हुई भारी बर्फबारी के बाद क्षेत्र में ठंड और सर्द मौसम का असर और बढ़ गया।

मौसम विभाग की ओर से 27 और 28 जनवरी को भी बर्फबारी की संभावना जताई गई थी, लेकिन इस दौरान चकराता के ऊंचाई वाले क्षेत्रों लोखंडी और जाड़ी में ही बर्फबारी हुई। अन्य क्षेत्रों में बर्फ न गिरने से कुछ पर्यटक मायूस नजर आए।

इसके बावजूद बर्फबारी की उम्मीद में चकराता और आसपास के इलाकों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फ देखने और पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेने पहुंचे, जिससे कई स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति भी बनी।

वहीं दूसरी ओर, बर्फबारी से स्थानीय लोग और पर्यटन कारोबार से जुड़े व्यापारी काफी खुश नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बर्फबारी के कारण पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को लाभ मिला है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह बारिश और बर्फबारी खेती-किसानी और बागवानी के लिए भी फायदेमंद है। इससे जल स्रोतों को मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में पेयजल की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर चकराता में हुई बर्फबारी ने न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।