
स्थान – खटीमा
रिपोर्ट – अशोक सरकार

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर खटीमा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।


कार्यक्रम में खटीमा तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने कानून के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यूसीसी राज्य के हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार प्रदान करता है।

तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने कहा कि यह प्रदेश के लिए ऐतिहासिक कदम है, क्योंकि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना है जिसने यूसीसी लागू किया।


उन्होंने बताया कि यह कानून विवाह, वसीयत, तलाक और बुजुर्गों की सुविधाओं जैसे मामलों में सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करता है।

सजवान ने यह भी कहा कि शुरुआत में कुछ लोगों को जानकारी की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आने वाले समय में यह कानून जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने आम जनता से इस कानून के प्रति जागरूक रहने की अपील की।


कार्यक्रम में खटीमा नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कानून हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध या किसी भी समुदाय के नागरिकों के लिए समान अधिकार लाता है।
जोशी ने यह भी बताया कि यूसीसी लागू होने से उत्तराखंड राज्य देश में अग्रणी बनेगा और यह कानून प्रदेश के हित में है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यूसीसी के लाभों को जनता तक पहुंचाना और नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सफलता और यूसीसी के महत्व की सराहना की, जिससे कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

