
स्थान – देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

माघ मेले के दौरान महान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ दुर्व्यवहार की घटना पर प्रदेश कांग्रेस ने तीव्र नाराजगी जताई। कांग्रेस ने प्रदेशभर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के मन्दिर प्रांगणों में मौन उपवास और मंत्र जाप कर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।


कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ न केवल धार्मिक आस्था के प्रति अपमानजनक हैं, बल्कि समाज में संतुलन और सम्मान बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी चुनौती देती हैं।

उनका कहना था कि धार्मिक नेताओं और पवित्र स्थलों के प्रति सम्मान बनाए रखना हर सरकार और समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस प्रदर्शन पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुंवर जपेंद्र सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का मन्दिरों में पहुंचना सनातन धर्म और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की ताकत का परिणाम है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने पहले कभी सनातन धर्म को ध्यान में रखते हुए कार्य किया होता, तो आज इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है और समाज में भ्रामक संदेश फैलाने का प्रयास कर रही है।


कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि वे धर्म और सामाजिक आस्था की रक्षा के लिए लगातार सतर्क रहेंगे और इस तरह के मामलों में आवाज उठाते रहेंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच, प्रयागराज में माघ मेले की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मंदिर प्रांगणों में सतर्कता बरती जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
इस घटना ने प्रदेश में धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक टिप्पणियों के बीच एक बार फिर गर्म चर्चा को जन्म दिया है।

