जब काम करने नहीं दिया जा रहा है प्राधिकरण विभाग को तो क्यों बनाया गया था प्राधिकरण विभाग

रिपोर्टर पंकज सक्सेना

फील्ड हल्द्वानी

आप लोग में एक कहावत तो बहुत पुरानी सुनी होगी जब सैंया भए कोतवाल तो डर किस बात का लेकिन जब सरकारें बनती है तो विभागों को भी बनाया जाता है

जहां एक अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्राधिकरण विभाग बनाया गया लेकिन सत्ताधारी लोग प्राधिकरण विभाग को काम करने भी नहीं दे रहे हैं और ट्रांसफर कराने की धमकी सत्ताधारी लोगों के द्वारा संबंधित अधिकारी अधिशासी अभियंताओं को दी जा रही है

हल्द्वानी शहर में इन दिनों बिना नक्शा पास कराए दुकान और मकान बिना परमिशन के बेसमेंट को खोद दिए जा रहे हैं जिसके बाद प्राधिकरण विभाग के द्वारा कार्रवाई की जा रही है

लेकिन उसके बाद कुछ सत्ताधारी नेताओं के पूर्व अधिकारियों को धमकाने के लिए लगातार आ रहे हैं और उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी भी दी जा रही है

इससे तो कोई भी अधिकारी या कर्मचारी सत्ता के नशे में लोक अवैध कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं हल्द्वानी शहर में इन दिनों अवैध निर्माण जोरों पर हो रहा है यह सारा खेल सत्ताधारी नेताओं की मिलीभगत से बिना नक्शा पास कर आए हो रहा है जब संबंधित विभाग के अधिकारी उस पर कार्यवाही करते हैं तो सत्ताधारी नेताओं और स्थानीय नेताओं के फोन बचने लगते हैं

और अधिकारियों को धमकाया जाता है कि वहां पर गए तो तुम्हारा ट्रांसफर हो जाएगा क्या 2022 के चुनाव नहीं करवाने हैं अब आप खुद ही समझ सकते हैं कि सत्ता के नशे किस प्रकार से अवैध निर्माण कराया जा रहा है सत्ताधारी लोगों के द्वारा यह तो कहावत बिल्कुल सत्य हो गई जब सैंया भए कोतवाल तो डर किस बात का