
स्थान – रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट
रुड़की के एक अस्पताल में मरीजों को लेकर दो निजी अस्पतालों के संचालकों के बीच भयंकर झड़प हुई, जो देखकर लोगों की रूह कांप जाए। यह पूरा मंजर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।


घटना में अस्पताल परिसर में लात-घूंसे, गाली-गलौज और मारपीट देखने को मिली। यह कोई सामान्य विवाद नहीं था, बल्कि मरीजों को लेकर दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ।


विवाद की जड़ है—मरीजों की छीना-झपटी। आशा नर्सिंग होम के संचालक का आरोप है कि कैलाश नर्सिंग होम के कर्मचारी उनके अस्पताल से एक मरीज को जबरन उठा ले गए। जब वे इस मामले की जानकारी लेने कैलाश नर्सिंग होम पहुंचे, तो वहां पहले से घात लगाए लोगों ने उन पर हमला कर दिया।


दूसरी ओर, कैलाश नर्सिंग होम के संचालक का कहना है कि यह कोई आकस्मिक झगड़ा नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश थी। उनके अनुसार दो दर्जन से अधिक उपद्रवी अस्पताल पर धावा बोलकर तोड़फोड़ की और स्टाफ को घायल कर दिया।

रुड़की पुलिस के पास अब दोनों पक्षों की शिकायतें पहुंच चुकी हैं और सीसीटीवी फुटेज मामले की सबसे अहम साक्ष्य बन गई है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर चेहरों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर जीवन बचाने वाले ही आपस में हिंसा पर उतर आएं, तो आम जनता का क्या होगा।

पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।
स्थानीय लोग और मरीजों के परिजन इस घटना को लेकर गहरे सदमे में हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

