
स्थान- खटीमा/उधम सिंह नगर
रिपोर्ट – अशोक सरकार
खटीमा विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम दीया में मिट्टी खनन के अवैध कारनामों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। ग्राम सभा दीया के ईट भट्टे क्षेत्र में मिट्टी खनन की आड़ में कामन नदी पर अवैध खनन किए जाने की सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी खटीमा तुषार सैनी ने अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर कार्रवाई की। इस दौरान मिट्टी से भरी दो ट्रैक्टर ट्रालियों को मौके पर ही सीज कर तहसील कैंपस में लाया गया।


उप जिलाधिकारी तुषार सैनी ने बताया कि मिट्टी की खनन परमिशन केवल खेतों में दी जाती है, डूब क्षेत्र या नदी के किनारे खनन करना कानून के खिलाफ है और पर्यावरणीय दृष्टि से भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि दीया ग्राम में जिस स्थान पर खनन किया जा रहा था, वह पूरी तरह अवैध था और मिट्टी माफियाओं ने अपनी मनमानी बढ़ा रखी थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी अवैध खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी भी परिस्थिति में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में मिट्टी माफियाओं के हौसले बुलंद होते गए हैं और वे खुलेआम नदी के किनारे और डूब क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे थे। इससे न केवल नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है बल्कि नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मिट्टी माफियाओं की इस हरकत के कारण इलाके में पर्यावरणीय खतरा बढ़ गया है और कृषि भूमि भी नुकसान झेल रही है।

उप जिलाधिकारी तुषार सैनी ने आगे कहा कि प्रशासन लगातार ऐसे क्षेत्रों में निगरानी रखेगा और यदि कोई अवैध गतिविधि पकड़ी जाती है तो संबंधित ट्रैक्टर, ट्रॉली और उपकरणों को सीज करने के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अवैध खनन की किसी भी सूचना को प्रशासन तक तुरंत पहुंचाएं ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।


विधानसभा क्षेत्र खटीमा में यह पहली बार नहीं है जब मिट्टी खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पिछले कुछ वर्षों में प्रशासन ने कई बार ऐसे अवैध खनन स्थल सीज किए हैं, लेकिन माफियाओं की मनमानी और बढ़ती ताकत से स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नदी और डूब क्षेत्र में अवैध खनन से न केवल पर्यावरणीय असंतुलन पैदा होता है बल्कि यह बाढ़ जैसी आपदाओं का भी कारण बन सकता है। खटीमा क्षेत्र में मिट्टी माफियाओं की सक्रियता और उनके हौसले प्रशासन के लिए एक सतत चुनौती बने हुए हैं।

उप जिलाधिकारी तुषार सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब खटीमा में किसी भी तरह का अवैध खनन सख्ती से रोका जाएगा और भविष्य में किसी भी ऐसे मामले में तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और अवैध खनन रोकने के लिए विशेष टीमों को नियुक्त किया गया है।

इस कार्रवाई से स्थानीय लोग खुश हैं और उन्होंने प्रशासन की सराहना की है। उनका कहना है कि लंबे समय से माफियाओं के हौसले बुलंद थे और कोई भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करता था। अब प्रशासन की सक्रियता से आशा है कि भविष्य में अवैध खनन पर रोक लगेगी और कामन नदी तथा आसपास के पर्यावरण की रक्षा हो सकेगी।
निष्कर्ष:
खटीमा विधानसभा क्षेत्र में मिट्टी खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की यह कार्रवाई एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में यह साफ संकेत मिल गया है कि उप जिलाधिकारी तुषार सैनी और उनकी टीम अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं करेगी और किसी भी स्थिति में कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

