अंकिता भंडारी हत्याकांड: चौबट्टाखाल में उत्तराखंड बंद का व्यापक असर, कांग्रेस ने सरकार पर कड़ा सवाल उठाया

अंकिता भंडारी हत्याकांड: चौबट्टाखाल में उत्तराखंड बंद का व्यापक असर, कांग्रेस ने सरकार पर कड़ा सवाल उठाया

स्थान – पौड़ी

ब्यूरो रिपोर्ट

अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग के तहत आज चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में उत्तराखंड बंद का व्यापक और प्रभावी असर देखा गया। बंद का संदेश साफ था – जनता अब आधे-अधूरे न्याय से संतुष्ट नहीं है।

सतपुली, चौबट्टाखाल, नौगांवखाल, बीरोंखाल, संग्लाकोटी, बैजरो, स्यूंसी और पोखड़ा सहित सभी प्रमुख बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। इसके साथ ही सभी टैक्सी यूनियनों ने भी अपनी सेवाएं बंद रखकर जनता की आवाज़ को मजबूती दी।

बंद का असर न केवल बाजारों तक सीमित रहा, बल्कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी देखा गया। लोगों ने अपने विरोध और आक्रोश का इजहार किया और यह संदेश दिया कि न्याय की मांग अब पहाड़ से लेकर बाजार तक गूंज रही है।

कांग्रेस नेता राजेश कंडारी ने चौबट्टाखाल विधानसभा से सरकार के फैसलों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई जाँच सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।

कंडारी ने आरोप लगाया कि दोषियों की पहचान और उनकी संलिप्तता को लेकर अब तक सरकार की कार्रवाई नाकाफी रही है। उनका कहना था कि जनता इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।

स्थानीय नागरिकों ने बंद का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल आक्रोश का प्रतीक नहीं है, बल्कि न्याय की मांग का जनतांत्रिक प्रदर्शन है।

बंद के दौरान पुलिस और प्रशासन ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती, लेकिन जनता ने शांतिपूर्ण ढंग से बंद को सफल बनाया।

चौबट्टाखाल क्षेत्र में यह बंद यह भी संकेत देता है कि जनता की नजरें अब प्रशासन और सरकार पर हैं, और यदि दोषियों को उचित सजा नहीं दी गई, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना है।