
स्थान – चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

मनरेगा योजना में किए गए बदलाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत में कांग्रेस जिला अध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने जोरदार प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।


रविवार को चंपावत बस स्टेशन और गांधी मूर्ति स्थल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने मनरेगा के नाम और काम में बदलाव को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा विरोधी नारों से क्षेत्र गूंज उठा।


कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी योजना में बदलाव कर भाजपा सरकार कमजोर और गरीब तबके के लोगों के हितों पर कुठाराघात कर रही है। उनका कहना था कि इस योजना से करोड़ों ग्रामीण मजदूरों को रोजगार और सम्मान मिला है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष चिराग फर्त्याल ने कहा कि मनरेगा का सीधा संबंध राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और विचारों से है। इस योजना के नाम और स्वरूप में बदलाव कर भाजपा सरकार ने बापू का अपमान किया है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रदर्शन के दौरान गांधी मूर्ति के सामने बैठकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि यह कदम केवल योजना का नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि महात्मा गांधी के मूल्यों और विचारधारा को मिटाने की सोची-समझी साजिश है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि फरवरी 2006 में शुरू हुई मनरेगा योजना ने ग्रामीण भारत में रोजगार की गारंटी दी थी। अब केंद्र सरकार द्वारा 21 दिसंबर 2025 को नया कानून बनाकर इसका नाम बदलकर “बीबी जी – राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन)” कर दिया गया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस बदलाव से योजना की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है और गरीबों के अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है। इसी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मनरेगा में किए गए बदलाव वापस नहीं लिए, तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी। साथ ही कहा कि गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता के हक की लड़ाई कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी।

