
स्थान – चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट
चंपावत जिले में जल जीवन मिशन की सैकड़ों अधूरी योजनाओं को लेकर पूर्व भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने धामी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिले की 313 ग्राम पंचायतों में 771 जल जीवन मिशन योजनाएं अब तक अधूरी पड़ी हुई हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए 153 करोड़ रुपये की शेष धनराशि तुरंत जारी की जानी चाहिए।


पूर्व विधायक फर्त्याल ने बताया कि चंपावत जिले के लिए जल जीवन मिशन के तहत कुल 321 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन पूरी राशि जारी न होने के कारण कई योजनाएं आधी-अधूरी रह गई हैं। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पेयजल सचिव को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है।


फर्त्याल ने चेतावनी दी कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन योजनाओं को पूरा नहीं किया गया, तो इसका राजनीतिक नुकसान भाजपा को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले चंपावत के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और लोग पानी के लिए परेशान हैं।


पूर्व विधायक ने कहा कि गांवों के भ्रमण के दौरान ग्रामीण उनसे लगातार जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं की शिकायत कर रहे हैं। ग्रामीण जल निगम और जल संस्थान पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार ने अब तक योजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक 153 करोड़ रुपये की धनराशि जारी नहीं की है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के पास प्रदेश के वित्त मंत्री का दायित्व भी है, ऐसे में उन्हें चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए शीघ्र धनराशि जारी करनी चाहिए। अन्यथा 2027 के चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

पूर्व विधायक फर्त्याल ने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर घर जल, हर घर नल योजना की शुरुआत की गई थी, जिससे लोगों में उम्मीद जगी थी कि हर घर तक पेयजल पहुंचेगा। लेकिन चंपावत जिले के पर्वतीय गांवों में यह सपना अब तक साकार नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही शेष धनराशि जारी कर अधूरी पड़ी जल जीवन मिशन की योजनाओं को पूरा करेंगे और जिले की जनता को पेयजल संकट से राहत मिलेगी।

