स्वर्णिम अतीत की ओर लौटी मसूरी, ऐतिहासिक रोलर स्केटिंग रैलियों के जांबाज़ खिलाड़ी सम्मानित

स्वर्णिम अतीत की ओर लौटी मसूरी, ऐतिहासिक रोलर स्केटिंग रैलियों के जांबाज़ खिलाड़ी सम्मानित

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

कभी देश में रोलर स्केटिंग की पहचान रही मसूरी एक बार फिर अपने गौरवशाली अतीत की ओर लौटती नजर आई। मसूरी से दिल्ली (320 किमी) और मसूरी से अमृतसर (510 किमी) तक आयोजित ऐतिहासिक रोलर स्केटिंग रैलियों की स्वर्ण जयंती के अवसर पर उन जांबाज़ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने स्केट्स पहनकर पहाड़ों से मैदानों तक देश का नाम रोशन किया था।

मसूरी स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने 14 पूर्व स्केटिंग खिलाड़ियों को शॉल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस अवसर पर पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि मसूरी में स्केटिंग का इतिहास लगभग 200 वर्ष पुराना है और इसे पुनर्जीवित करने का यह सबसे उपयुक्त समय है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने और इस ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि स्केटिंग ने कभी मसूरी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई थी और इसे दोबारा शुरू करने के लिए नगर पालिका हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि जब ये ऐतिहासिक रैलियां हुई थीं, तब वह मात्र एक वर्ष की थीं, लेकिन आज उन खिलाड़ियों के अनुभव सुनकर रोमांचित हैं।

मसूरी–अमृतसर स्केटिंग रैली के प्रतिभागी अजय मार्क, गोपाल भारद्वाज और बीना सिंह भारद्वाज ने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न स्कूलों में फूलों से स्वागत किया जाता था और पंजाब में महान धावक मिल्खा सिंह से मुलाकात आज भी स्मृतियों में ताजा है। वहीं मसूरी–दिल्ली रैली के सदस्य गोपाल भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली पहुंचने पर यमुना पुल को आधे घंटे के लिए बंद किया गया था और दूरदर्शन ने उनका साक्षात्कार लिया था।

समारोह के दौरान दिवंगत स्केटरों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। साथ ही ऐतिहासिक स्केटिंग रैलियों से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।

यह आयोजन न केवल पुराने खिलाड़ियों के सम्मान का साक्षी बना, बल्कि एक बार फिर मसूरी के गौरवशाली खेल इतिहास को जीवंत कर गया।