

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


शहर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने की दिशा में देहरादून नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम ने कारगी चौक स्थित मेकनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन और 15 पायलट वार्डों में ड्रोन के जरिए जीवीपी (Garbage Vulnerable Points) और कूड़ा डंपिंग स्थलों की निगरानी शुरू कर दी है। यह तकनीक महापौर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में औपचारिक रूप से शुरू की गई, जो इस परियोजना को निगम की प्राथमिकता बताती है।


क्यों खास है यह पहल?
नई एकीकृत मॉनिटरिंग तकनीक का मुख्य उद्देश्य—


- कूड़ा उठान में गति लाना
- निगरानी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना
- सफाई कार्य को अधिक प्रभावी बनाना
कारगी चौक का ट्रांसफर स्टेशन अब पायलट के तौर पर उन 15 वार्डों की ड्रोन फीड प्राप्त करेगा जिनमें जीवीपी पॉइंट्स और अनियंत्रित डंपिंग स्थलों की समस्या अधिक रहती है।


ड्रोन से निगरानी, तुरंत कार्रवाई
नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य अनुभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि ड्रोन से मिलने वाले डेटा पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
ड्रोन फुटेज से—


- कूड़ा फेंकने वालों की पहचान आसान होगी
- अवैध डंपिंग पर तुरंत रोक लगेगी
- टीमों को मौके पर भागने की आवश्यकता कम होगी
इससे समय, मानव संसाधन और बजट—तीनों की बचत होगी।

शहर की सफाई व्यवस्था में आएंगे बड़े बदलाव

इस पहल से अपेक्षित फायदे:

- वार्डों में जीवीपी पॉइंट्स कम होंगे
- सफाई व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन स्मार्ट सिटी मानकों के अनुरूप चलेगा
- टीम की कार्यप्रणाली पहले से ज्यादा कुशल होगी

देहरादून नगर निगम की यह हाईटेक पहल शहर को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


