
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

तंत्र-मंत्र से बीमारियों का इलाज करने और भूत-प्रेत दूर भगाने का दावा करने वाले करौली शंकर महादेव को कुंभ मेले से पहले बड़ी धार्मिक जिम्मेदारी मिली है। उन्हें नया उदासीन अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया है।


मंगलवार को कनखल स्थित नया उदासीन अखाड़े में विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ करौली शंकर महादेव का पट्टाभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और विभिन्न अखाड़ों के संत महात्मा मौजूद रहे।


कार्यक्रम में सन्यासी और बैरागी अखाड़ों के प्रमुख संतों ने भी भाग लिया और धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। पूरे आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों का विशेष ध्यान रखा गया।


बताया जाता है कि करौली शंकर महादेव कानपुर में अपना आश्रम संचालित करते हैं, जहां वे तंत्र-मंत्र के जरिए बीमारियों के इलाज और भूत-प्रेत बाधा दूर करने का दावा करते हैं। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुके हैं।

हालांकि, उनके इन दावों को लेकर कई बार विवाद भी सामने आए हैं और विशेषज्ञों द्वारा इन पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसके बावजूद उनके अनुयायियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद करौली शंकर महादेव की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। आने वाले कुंभ मेले में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है, जहां वे अखाड़े का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे।


