चिपको आंदोलन की प्रेरणा गौरा देवी को भारत रत्न देने की मांग – भाजपा प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्यसभा में उठाई आवाज

चिपको आंदोलन की प्रेरणा गौरा देवी को भारत रत्न देने की मांग – भाजपा प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्यसभा में उठाई आवाज

स्थान – देहरादून

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में गौरा देवी को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। उन्होंने सदन में कहा, “चिपका डाल्थु पर न कंटण दय्वा, पहाड़ों की सम्पत्ति अब न लूटण दय्वा।” इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में गौरा देवी के अतुलनीय योगदान को याद किया।

महेंद्र भट्ट ने बताया कि गौरा देवी उत्तराखंड के चमोली जिले, जोशीमठ विकास खंड के रेणी गांव की ग्रामीण महिला थीं। उन्होंने अपने जीवन काल में चिपको आंदोलन की शुरुआत कर हिमालय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई के खिलाफ मातृशक्ति द्वारा पेड़ों को आलिंगन देने वाली ऐतिहासिक मुहिम का नेतृत्व किया।

उन्होंने कहा कि आज चिपको आंदोलन को 53 वर्ष पूरे हो गए हैं और इस आंदोलन ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। महेंद्र भट्ट ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि गौरा देवी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित कर यादगार बनाई जाए।

सांसद ने सदन में जोर देकर कहा कि गौरा देवी जैसे लोक नायकों को सम्मानित करना न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।