अलीगढ़ से ज्वालापुर–देहरादून पहुंच रहा था 700 किलो नकली पनीर, नारसन बॉर्डर पर पुलिस ने पकड़ा

अलीगढ़ से ज्वालापुर–देहरादून पहुंच रहा था 700 किलो नकली पनीर, नारसन बॉर्डर पर पुलिस ने पकड़ा

लोकेशन – मंगलौर, उत्तराखंड
रिपोर्टर – राहुल सैनी

हरिद्वार। शादी–विवाह का सीजन शुरू होते ही नकली और हानिकारक पनीर बनाने व सप्लाई करने वाले गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं। इसी बीच नारसन बॉर्डर पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 700 किलो संदिग्ध व हानिकारक पनीर से भरी पिकअप गाड़ी पकड़ी है, जिसे बिना बिल, बिना फूड सेफ्टी प्रमाणपत्र और बिना नंबर प्लेट के अलीगढ़ से ज्वालापुर व देहरादून के लिए भेजा जा रहा था।

रूटीन चेकिंग में पकड़ी गई पिकअप

पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर नारसन बॉर्डर पर सख्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान चौकी प्रभारी हेमदत्त भारद्वाज अपनी टीम के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे। तभी एक बोलरो पिकअप को रोका गया। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें ड्रम और टंकियों में भरकर करीब 700 किलो संदिग्ध पनीर बरामद हुआ।

दस्तावेज मांगने पर चालक बौखलाए, कोई कागज़ नहीं मिला

पुलिस ने जब गाड़ी में मौजूद लोगों से पनीर के बारे में दस्तावेज दिखाने को कहा तो वे कोई भी कागज़ या फूड सेफ्टी प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके। इससे पुलिस को गहरी शंका हुई।

फूड सेफ्टी अधिकारी ने मौके पर जांच की

शक की स्थिति में पुलिस ने तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार को मौके पर बुलाया। जांच में पाया गया कि पनीर बेहद हानिकारक, गंदा और मानव उपभोग के लायक नहीं था।

700 किलो पनीर मौके पर ही नष्ट

फूड सेफ्टी अधिकारी के निर्देश पर पूरे 700 किलो नकली पनीर को नारसन बॉर्डर के पास गड्ढा खोदकर नष्ट कर दिया गया। नकली पनीर बनाने–बेचने वालों पर अब आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

शादियों में सप्लाई के लिए नकली पनीर की तस्करी

पुलिस का मानना है कि त्योहार और शादी–विवाह के सीजन में ऐसे गिरोह भारी मात्रा में नकली पनीर बनाकर बाजार में खपाने की कोशिश करते हैं, जिससे लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा पैदा होता है।

पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू कर दी है।