


देहरादून। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा वक्फ संपत्तियों में सुधार, पारदर्शिता और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए 6 जून 2025 को वक्फ पोर्टल शुरू किया गया था। इस पोर्टल का उद्देश्य सभी वक्फ संपत्तियों को ऑनलाइन दर्ज करना, स्पष्ट रिकॉर्ड रखना और अवैध कब्जों पर रोक लगाना है।




लेकिन इसके बावजूद कई जगहों से वक्फ संपत्तियों को जानबूझकर पोर्टल पर दर्ज न करने और अवैध रूप से दबाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस पर प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने सख्त चेतावनी जारी की है।

शम्स ने कहा कि—

- जो लोग वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज नहीं कर रहे हैं, उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
- किसी भी श्रेणी का व्यक्ति, संस्था या कमेटी यदि अपनी वक्फ संपत्ति को पोर्टल पर दर्ज नहीं करती है, तो उसे वक्फ माफिया घोषित किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट मत है कि गलत को छोड़ा नहीं जाएगा, इसलिए वक्फ बोर्ड भी उसी नीति के तहत सख्त कदम उठाएगा।


अध्यक्ष ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज न करने से न सिर्फ बोर्ड का नुकसान होता है, बल्कि समाज और पूरी कौम को भारी हानि पहुंचती है। इसलिए सभी जिम्मेदार लोगों को समय रहते अपनी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।

वक्फ बोर्ड जल्द ही statewide समीक्षा अभियान भी शुरू कर सकता है ताकि अवैध कब्जों और गैर-पंजीकृत संपत्तियों की पहचान की जा सके।




