कोसी नदी में अब खनन होगा कानून के मुताबिक, प्रशासन ने कसी अवैध माफिया पर नकेल

कोसी नदी में अब खनन होगा कानून के मुताबिक, प्रशासन ने कसी अवैध माफिया पर नकेल

स्थान : रामनगर
रिपोर्ट – सलीम अहमद साहिल

उत्तराखंड की कोसी नदी में खनन प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नदी को वैध खनन के लिए खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है और वाहनों का रजिस्ट्रेशन तेजी से जारी है। इस बार खनन प्रक्रिया में कई अहम बदलाव किए गए हैं, ताकि अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके, सड़क हादसों को रोका जा सके और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

खनन संचालन की जिम्मेदारी वन निगम के पास है, जिसने इस बार एक नई रणनीति लागू की है। इसके तहत 10-टायर ट्रकों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और सिर्फ 6-टायर वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। अब तक 191 वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, और बंजारी फर्स्ट गेट से रॉयल्टी के साथ वैध खनन का कार्य शुरू हो चुका है।

वन विभाग और वन निगम ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए संयुक्त निगरानी टीमें गठित की गई हैं, नदी तटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, और यदि कोई वाहन चोरी-छिपे नदी में घुसने की कोशिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, कोसी नदी में वर्षों से अवैध खनन की समस्या बनी रही है। कुछ प्रभावशाली स्टोन क्रेशर मालिकों के इशारे पर यह अवैध कारोबार चलता रहा है। कई क्रेशर मालिकों ने तो अपने प्लांट नदी किनारे तक खड़े कर रखे हैं, ताकि मौका मिलते ही अवैध खनन शुरू किया जा सके।

लेकिन इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सिर्फ रजिस्टर्ड वाहनों को ही नदी में प्रवेश की अनुमति होगी, और खनन केवल वैध रॉयल्टी के साथ किया जाएगा। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

अर्थात्, अब कोसी नदी में खनन होगा कानून के मुताबिक, और खनन माफियाओं का दबदबा खत्म करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और स्थानीय लोगों के लिए रोजगारपरक बने