लक्सर-खानपुर में एंटी-रेबीज वैक्सीन खत्म मरीज परेशान

लक्सर-खानपुर में एंटी-रेबीज वैक्सीन खत्म मरीज परेशान

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और खानपुर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पिछले कई दिनों से एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक खत्म होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानवरों के काटने के बाद तुरंत टीका लगवाने पहुंचे लोग निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हैं।

ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों, बच्चों और बुजुर्गों पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं। खेतों और रिहायशी इलाकों में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं और समय पर इलाज न मिलने से डर का माहौल बना हुआ है।

डॉक्टर प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन अस्पताल में स्टॉक न होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों की ओर भेजा जा रहा है। इससे मरीजों को समय के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च का भी सामना करना पड़ रहा है।

निजी क्लीनिकों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की एक डोज की कीमत कई सौ रुपये तक बताई जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन रही है। जबकि सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में लोग मजबूरी में निजी विकल्प चुन रहे हैं।

खानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह से वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हुई है। मरीजों को रेफर स्लिप देकर रुड़की और हरिद्वार भेजा जा रहा है, लेकिन दूरदराज के ग्रामीणों के लिए बार-बार शहर जाना आसान नहीं है, जिससे इलाज में देरी हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आपूर्ति में देरी की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि जानवर के काटने पर घाव को तुरंत साबुन-पानी से धोएं और प्राथमिक उपचार जरूर लें। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसी जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रखा जाए।