

स्थान : हरिद्वार

कुंभ मेला क्षेत्र में बन रहे निर्माणाधीन घाटों की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष एवं दर्जाधारी ऋषि कंडवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया सामग्री का प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घाटों का निर्माण सरकार की प्राथमिकता में है, इसलिए गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर समान ध्यान दिया जाए।




बुधवार को अमरापुर घाट के पास निरीक्षण के दौरान कंडवाल ने निर्माण स्थल का दौरा किया। यहां कुछ दिन पहले निर्माणाधीन हिस्से में दरारें आने की शिकायत सामने आई थी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि यह दरारें उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा गंगनहर में छोड़े गए अधिक जल प्रवाह के कारण आईं, जिससे निर्माण स्थल पर दबाव बढ़ा और कंक्रीट में क्रैक आ गया।



कंडवाल ने कहा कि फिलहाल गंगनहर का तेज जल प्रवाह निर्माण कार्यों में बाधा बन रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत चल रही है, ताकि जल प्रवाह को नियंत्रित कर कार्य को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।


उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों की मजबूती की नियमित जांच की जाए और कहीं भी दरार या रिसाव दिखाई देने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। कंडवाल ने साफ कहा कि यदि निर्माण में घटिया सामग्री या तकनीकी लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अभियंता और अधिकारी भी उपस्थित रहे।


