


स्थान : सितारगंज
रिपोर्ट : तनवीर अंसारी


सितारगंज। देशभर में दलितों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर सितारगंज में अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में तहसील पहुंचकर एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजा।



ज्ञापन में कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस बी. आर. गवई पर द्वेषपूर्ण मानसिकता के तहत कोर्ट में हमला करने का प्रयास बेहद निंदनीय है। इसके साथ ही राजस्थान में आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार द्वारा जातीय उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करना, जिसकी अभी तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है, दलित समाज को झकझोर देने वाली घटना है।




वहीं रायबरेली में 2 अक्टूबर को दिहाड़ी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या की घटना का जिक्र करते हुए समाज के लोगों ने कहा कि देश में जातीय उत्पीड़न की घटनाएं निरंतर बढ़ रही हैं। कुठित मानसिकता के तहत मनुवादी विचारधारा के लोगों द्वारा सुनियोजित साजिश के तहत दलित समाज को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है।


समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि अगर देश में दलितों पर अत्याचार बंद नहीं हुए, तो उत्तराखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी समाज सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा। उन्होंने राष्ट्रपति से देश में बढ़ते दलित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




