

स्थान:चंपावत
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सीमावर्ती और दूरस्थ गाँवों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर जानने और उनके समाधान हेतु जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार लगातार क्षेत्रीय भ्रमण पर हैं। इसी क्रम में शनिवार को डीएम मनीष कुमार मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र चंपावत के सबसे दूरस्थ ग्राम बकोड़ा पहुँचे। उन्होंने लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलकर गाँव का दौरा किया और वहाँ की समस्याओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।



बकोड़ा पहुँचने पर जिलाधिकारी ने गाँव की खुली जमीन पर चादर बिछाकर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएँ सुनीं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख अंचला बोहरा, जिला पंचायत सदस्य भंडार बोरा व शैलेश जोशी, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश कलखुडिया सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी की जानकारी दी। विशेष रूप से मंच-बकोड़ा मोटर मार्ग और सीम-चूका से बकोड़ा तक लिंक मार्ग के शीघ्र निर्माण की माँग प्रमुखता से उठाई गई।



सड़क निर्माण और हेलीपैड पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता से मोटर मार्ग निर्माण की स्थिति जानी और ग्रामीणों के साथ साझा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। साथ ही वन विभाग को भी सीम-चूका लिंक रोड निर्माण प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।

डीएम मनीष कुमार ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि गाँव के निकट उपयुक्त भूमि चिह्नित कर हेलीपैड निर्माण की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए, ताकि आपात स्थिति में हेली सेवा का लाभ ग्रामीणों को मिल सके।

बकोड़ा गाँव को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू
ग्रामीणों की माँग पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकोड़ा गाँव को ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में शामिल करने हेतु आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि सीमांत गाँवों को बुनियादी सुविधाओं, रोज़गार, और आजीविका के अवसरों से जोड़ना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



हर 15 दिन में विभागीय शिविर, दिव्यांगजनों के लिए विशेष कैंप
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि प्रत्येक 15 दिन के अंतराल पर विभागवार शिविरों का आयोजन ग्राम बकोड़ा में किया जाए, ताकि ग्रामीणों को सभी जरूरी सुविधाएँ गाँव में ही मिल सकें। उन्होंने दिव्यांगजन के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए।


