

स्थान…..नैनीताल
रिपोर्ट… ऋषि कपूर

नैनीताल की शान और पर्यटन की धड़कन मानी जाने वाली माल रोड एक बार फिर धंसाव की चपेट में है। लोअर माल रोड के करीब 170 मीटर हिस्से में दरारें और गड्ढे बनने लगे हैं, जिससे सड़क की नींव कमजोर हो रही है और आवागमन पर खतरा मंडराने लगा है।

फिर दोहराने को तैयार 2018 जैसा हादसा?
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में भी लोअर माल रोड का करीब 25 मीटर हिस्सा नैनी झील में समा गया था। उस समय बड़ा संकट टला था, लेकिन चेतावनी के बावजूद सड़क का स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया।



अब एक बार फिर वही हालात उभर रहे हैं। सड़क पर जगह-जगह गहरी दरारें, धंसाव और गड्ढे साफ देखे जा सकते हैं, जो न सिर्फ स्थानीय नागरिकों, बल्कि सैलानियों के लिए भी खतरा बन चुके हैं।

झील किनारे बना इलाका बेहद संवेदनशील
माल रोड नैनी झील के किनारे बनी हुई है, जिससे इसका भूस्खलन और जल रिसाव से प्रभावित होना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तुरंत इंजीनियरिंग उपाय नहीं किए गए तो पूरा क्षेत्र असुरक्षित हो सकता है।


विशेषज्ञों की चेतावनी:
भूगर्भीय जानकारों और सिविल इंजीनियरों का मानना है कि—
“झील का जलस्तर, भारी बारिश और भूमिगत रिसाव लगातार सड़क की संरचना को कमजोर कर रहे हैं। अगर तुरंत उपचार नहीं हुआ, तो माल रोड का बड़ा हिस्सा कभी भी झील में समा सकता है।”
जनता और व्यापारी वर्ग में आक्रोश:
स्थानीय लोग और व्यापारियों ने कई बार प्रशासन से माल रोड की मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग की है, लेकिन अभी तक सिर्फ अस्थायी मरम्मत कर खानापूर्ति की जा रही है।
अब जब फिर से दरारें सामने आ गई हैं, तो जनता में आक्रोश है और भविष्य में बड़े हादसे का डर भी।


क्या कहता है प्रशासन?
अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट कार्ययोजना सामने नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जल्द ही एक इंजीनियरिंग टीम का निरीक्षण कराया जा सकता है, लेकिन इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।



