

स्थान : हरिद्वार/उत्तराखंड
संवाददाता – धर्मराज



हरिद्वार। रोशनाबाद स्थित सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को वर्ष 2025 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के निपटारे हेतु पहुंचे। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों को आपसी सहमति से सुलझाकर त्वरित न्याय और राहत प्रदान करना है।



इस अवसर पर जिला जज नरेंद्र दत्त ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का समाधान किया जा रहा है। इनमें फौजदारी के शमनीय वाद, चेक बाउंस केस, बैंक ऋण वसूली, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा, पारिवारिक विवाद, बिजली और पानी के बिल, तथा उपभोक्ता आयोग से संबंधित मामले शामिल हैं।


जिला जज ने यह भी बताया कि लोक अदालत में लंबित ट्रैफिक चालानों का भी निस्तारण किया जा रहा है। कई मामलों में चालानों को माफ कर दिया गया या बहुत कम जुर्माने में समाप्त कर दिया गया, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली।


लोक अदालत के आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने बताया कि लोक अदालत में केवल सिविल और समझौता योग्य आपराधिक मामलों की सुनवाई होती है। संपत्ति विवाद, पारिवारिक मामले, चेक बाउंस केस जैसे विवादों को आपसी सहमति से सुलझाया जाता है।


उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दिया गया फैसला न्यायालय के आदेश की तरह मान्य होता है और इसके खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। इसका उद्देश्य अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम करना और आम नागरिकों को शीघ्र न्याय दिलाना है।



