नेपाल बंद से भारत-नेपाल सीमावर्ती बाजारों में सन्नाटा, रोज़ाना 25 लाख तक के व्यापार का नुकसान

नेपाल बंद से भारत-नेपाल सीमावर्ती बाजारों में सन्नाटा, रोज़ाना 25 लाख तक के व्यापार का नुकसान

स्थान : बनबसा/चंपावत
रिपोर्ट : अशोक सरकार

भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्र बनबसा समेत टनकपुर, मेलाघाट, झूलाघाट और पलिया जैसे इलाकों में इन दिनों गहरी आर्थिक सुस्ती छाई हुई है। इसका प्रमुख कारण नेपाल में चल रहा बड़ा ZEN-Z आंदोलन और उसके बाद घोषित नेपाल बंद है, जिससे भारत-नेपाल के बीच होने वाला नियमित व्यापार लगभग ठप हो गया है।

नेपाल बंद के चलते भारत के सीमावर्ती बाजारों में रोज़ाना 20 से 25 लाख रुपये तक के व्यापार का नुकसान हो रहा है। खासकर त्योहारों के सीज़न में यह स्थिति व्यापारी वर्ग के लिए भारी चिंता का विषय बन गई है।

बनबसा व्यापार मंडल अध्यक्ष भारत बिष्ट ने बताया कि,

“भारत की ओर से न तो सीमा बंद है और न ही कस्टम में कोई रोक है। हम सामान भेजने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन नेपाल में बंद की स्थिति और आंतरिक हालातों के कारण वहां माल नहीं पहुँच पा रहा। इससे सीमावर्ती बाजार पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।”

उन्होंने नेपाल में हुई अगजनी और हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता और दुख भी जताया। साथ ही आशा जताई कि जल्द ही नेपाल में राजनीतिक स्थिरता आएगी, नई सरकार बनेगी और व्यापारिक गतिविधियां फिर से सामान्य होंगी।

व्यापारियों की चिंता बढ़ी:
सीमावर्ती इलाकों में व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीज़न में यह समय व्यापार के लिहाज़ से सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन नेपाल में अस्थिरता के कारण भारत की तरफ से भी ग्राहक नहीं आ पा रहे हैं। इससे स्टॉक जमा हो रहा है और आमदनी रुक गई है।

निष्कर्ष:
भारत-नेपाल के बीच सदियों पुराना व्यापारिक रिश्ता इस समय गंभीर चुनौती से गुजर रहा है। नेपाल की राजनीतिक अस्थिरता और बंद के कारण भारतीय सीमावर्ती बाजारों में सन्नाटा पसरा है। व्यापारी वर्ग को उम्मीद है कि जल्द हालात सामान्य होंगे और सीमावर्ती व्यापार दोबारा पटरी पर लौटेगा।