

वैश्य महासभा ने दी अपील – मिट्टी की प्रतिमाएं अपनाएँ, पर्यावरण बचाएँ
रिपोर्ट….. ऋषि कपूर
स्थान: हल्द्वानी
देशभर में आज से गणेश महोत्सव की धूमधाम शुरू हो चुकी है। इस अवसर पर वैश्य महासभा ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर श्रद्धालुओं से खास अपील की। महासभा ने कहा कि गणेश महोत्सव आस्था और उत्साह का पर्व है, जिसे हर साल पूरे उत्साह से मनाया जाता है, लेकिन इस बार महोत्सव को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना सभी की जिम्मेदारी है।



महासभा ने लोगों से अनुरोध किया कि वे इस बार पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) की प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को स्थापित करें। महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि पीओपी की प्रतिमाएं विसर्जन के बाद जल स्रोतों को प्रदूषित करती हैं और जलीय जीवों के लिए खतरा पैदा करती हैं। वहीं मिट्टी की प्रतिमाएं आसानी से पानी में घुल जाती हैं और प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचातीं।



प्रेस वार्ता में महासभा ने शहरवासियों से अपील की कि वे महोत्सव के दौरान स्वच्छता, प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के इस पर्व को यदि पर्यावरण की रक्षा के साथ जोड़ा जाए तो यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा।


महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि गणेश महोत्सव हमारी परंपरा और संस्कृति से जुड़ा है। ऐसे में आवश्यक है कि हम इसे केवल धूमधाम तक सीमित न रखकर इसे पर्यावरण संरक्षण का भी उत्सव बनाएं। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और प्रदूषण रहित वातावरण छोड़कर जाएं।


महासभा ने सभी भक्तों से अपील की कि वे गणपति बप्पा की स्थापना श्रद्धा और उत्साह से करें, लेकिन ध्यान रखें कि स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।



