

स्थान – खटीमा/उधाम सिंह नगर

रिपोर्ट -अशोक सरकार


उधम सिंह नगर के सीमांत विकासखंड खटीमा में स्थित सरस्वती एकेडमी बिगराबाग से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां कक्षा 10वीं के एक छात्र ने अपने ही सहपाठी की आंख पेन मारकर फोड़ दी। यह घटना 11 जुलाई को हुई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन द्वारा न तो समय पर उचित इलाज कराया गया और न ही दोषी छात्र पर कोई ठोस कार्रवाई की गई।


परिजनों का आरोप:

पीड़ित छात्र की मां ममता राणा का आरोप है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें बिना बताए बच्चे को खटीमा के कई अस्पतालों में घुमाया, और जब उन्हें सूचना दी गई, तब तक बेटे की आंख की रोशनी जा चुकी थी। उन्होंने कहा,
“मेरे बेटे की एक आंख की रोशनी चली गई है, और आज वह जिंदगीभर के लिए एक आंख से विकलांग हो चुका है।”


ग्रामीणों का विरोध और कोतवाली घेराव:

इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। आज समस्त ग्रामीणों ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और प्रधानाचार्य संवाद से बचते रहे।
समाजसेवियों की मांग:

समाजसेवी नरेंद्र आर्य ने बताया कि जब वे ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंचे तो प्रधानाचार्य ने बात करने से इनकार कर दिया और गंभीर मुद्दे का मजाक बनाया गया। ग्रामीणों और समाजसेवियों की ओर से मांग की गई कि:

- पीड़ित छात्र का संपूर्ण इलाज स्कूल प्रबंधन कराए।
- बच्चे की आगे की पढ़ाई और हायर एजुकेशन की जिम्मेदारी स्कूल लिखित में ले।

हालांकि, शुरुआत में स्कूल प्रबंधक इन मांगों को मानने को तैयार दिखे, लेकिन बाद में अपने बयान से पलट गए, जिससे लोगों में और ज्यादा आक्रोश फैल गया।

स्कूल प्रबंधन का पक्ष:

सरस्वती एकेडमी के प्रधानाचार्य रमेश ने मीडिया से बचने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि,
“बच्चे का इलाज खटीमा, हल्द्वानी और चंडीगढ़ में कराया गया है। हमारी ओर से हरसंभव प्रयास किए गए हैं।”

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग:
अब ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


