

रिपोर्ट:ऋषि कपूर, हल्द्वानी

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता दीपक बल्यूटिया ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनकी जनहित याचिका के कारण सरकार ने जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा की भूमि पर मालिकाना हक से जुड़ी अधिसूचना पर लगी रोक हटा दी है। यह कदम दमुवाढूंगा के लोगों के लंबे समय से चले आ रहे हक़ के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।



बल्यूटिया ने बताया कि 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दमुवाढूंगा के लोगों को उनके जमीन पर मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत स्थानीय लोगों को उनकी जमीन के अधिकारों की वैधता सुनिश्चित करने के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। लेकिन 13 मई 2020 को भाजपा सरकार ने अचानक इस अधिसूचना पर रोक लगा दी, जिससे दमुवाढूंगा के लोगों में असंतोष फैल गया और न्यायिक मार्ग की आवश्यकता महसूस हुई।


इसी संदर्भ में बल्यूटिया ने 2021 में उच्च न्यायालय में रिट दायर की (WPPIL/118/2021), जिसमें उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दमुवाढूंगा के लोगों को उनके वास्तविक अधिकार दिए जाएं और इस प्रक्रिया को अवरुद्ध न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित याचिका के माध्यम से उन्होंने जनता और लोकतंत्र के पक्ष में कदम उठाया।


बल्यूटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि सरकार ने 22 अगस्त को होने वाली सुनवाई से ठीक एक दिन पहले यह अधिसूचना जारी की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह कदम वास्तव में दमुवाढूंगा के लोगों को उनके हक़ दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है या यह सिर्फ न्यायालय के फैसले से बचने की कवायद है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि आखिरकार उनके जमीन के मालिकाना हक का मामला कब तक पूरी तरह हल होगा।

बल्यूटिया ने सरकार से स्पष्ट रूप से मांग की कि दमुवाढूंगा की भूमि पर लगाए गए अवैध बोर्ड हटाए जाएं और अधिसूचना पर जल्द से जल्द अमल किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके हक़ दिलाना ही लोकतंत्र की वास्तविक भावना को जीवित रखना है। उन्होंने इसे जनता की जीत और लोकतंत्र की जीत करार दिया।

उन्होंने आगे कहा कि यह मामला केवल दमुवाढूंगा के लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य में ग्रामीण जनता के लिए एक मिसाल बन सकता है। जब लोग अपने हक़ के लिए आवाज उठाते हैं और न्यायालय से समर्थन प्राप्त करते हैं, तो प्रशासन को भी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी जनता के हक़ की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी और ऐसे मामलों में लगातार निगरानी बनाए रखेगी।


बल्यूटिया ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिसूचना पर अमल के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जनता के हक़ को समय पर लागू नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी सक्रिय भूमिका निभाते हुए इसके लिए सार्वजनिक जागरूकता अभियान शुरू करेगी।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता और स्थानीय प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने बल्यूटिया के नेतृत्व में न्यायालय और प्रशासन पर दबाव बनाए जाने की सराहना की। उनका कहना था कि दमुवाढूंगा के लोगों को उनका वास्तविक हक़ मिलना राज्य सरकार के लिए एक जिम्मेदारी है और इसे पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाना चाहिए।



