भारत-पाक क्रिकेट विवाद: आतंकवाद के साए में एशिया कप पर संकट

भारत-पाक क्रिकेट विवाद: आतंकवाद के साए में एशिया कप पर संकट

26/11 के मुंबई हमले के बाद 2008 में भारत ने पाकिस्तान के साथ किसी भी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज पर रोक लगा दी थी। अब 2025 में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हैं। 22 अप्रैल को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोषों की धर्म पूछकर हत्या कर दी। इस नृशंस घटना के बाद मांग उठ रही है कि भारत न सिर्फ द्विपक्षीय सीरीज, बल्कि एशिया कप और वर्ल्ड कप जैसे मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में भी पाकिस्तान से न खेले।

9 सितंबर से यूएई में एशिया कप होना है। भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है और इस टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबले संभावित हैं। सवाल यह है कि क्या भारत इन मैचों में पाकिस्तान से खेलेगा या बायकॉट करेगा?

फ्री पॉइंट्स क्यों दें?
अगर भारत बायकॉट करता है तो पाकिस्तान को बिना खेले अंक मिल जाएंगे। इससे पाकिस्तान फाइनल तक पहुंच सकता है और चैंपियन भी बन सकता है।

ACC में भारत की पकड़ कमजोर होगी
भारत एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) में अब तक प्रभावशाली रहा है। अगर भारत बायकॉट करता है तो टूर्नामेंट फ्लॉप हो सकता है और ACC में भारत की स्थिति कमजोर पड़ सकती है।

ICC की राजनीति पर असर
BCCI की ताकत एशियाई देशों की एकजुटता से आती है। पाकिस्तान भी कई बार भारत के साथ खड़ा रहा है। अगर बायकॉट होता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पकड़ ढीली पड़ सकती है।

ब्रॉडकास्ट राइट्स और पैसों का नुकसान
2024 में एशिया कप के चार संस्करणों के ब्रॉडकास्ट राइट्स करीब 1500 करोड़ रुपए में बिके हैं। भारत-पाक मैचों की वजह से ही राइट्स इतनी ऊंची कीमत पर गए। भारत-पाक मैच के विज्ञापन स्लॉट हर 10 सेकेंड के लिए 25-30 लाख रुपए में बिकते हैं। अगर मुकाबला नहीं हुआ तो ब्रॉडकास्टर्स को भारी नुकसान होगा और आगे चलकर BCCI की विश्वसनीयता भी कम हो सकती है।

सरकार का रुख अभी स्पष्ट नहीं

खेल मंत्रालय ने भास्कर को बताया कि सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक निर्देश नहीं आया है। एशिया कप के समय तक बिहार चुनाव का प्रचार तेज होगा। ऐसे में राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है कि भारत पाकिस्तान से न खेले। मुमकिन है कि भारतीय टीम एशिया कप में उतरे और ऐन वक्त पर पाकिस्तान का बायकॉट कर दे।

एशिया कप में बायकॉट के दो उदाहरण

1986 : भारत ने श्रीलंका से खराब संबंधों के चलते टूर्नामेंट का बायकॉट किया।

1990-91 : पाकिस्तान ने भारत में हुए टूर्नामेंट का बायकॉट किया।

निष्कर्ष

2008 की तरह ही 2025 में भी सवाल वही है—क्या क्रिकेट और आतंकवाद को अलग रखा जाए या नहीं? सरकार का अंतिम फैसला क्या होगा, इसका इंतजार पूरे देश को है।