भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट का कांग्रेस पर तीखा हमला — “सदन में सोना, बाहर अफवाहें फैलाना विपक्ष की नई राजनीति”

भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट का कांग्रेस पर तीखा हमला — “सदन में सोना, बाहर अफवाहें फैलाना विपक्ष की नई राजनीति”

स्थान : रानीखेत

भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए विपक्ष को स्वार्थपरक और नकारात्मक राजनीति करने वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि जहां प्रदेश आपदा की गंभीर मार झेल रहा है, वहीं विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर सजग रहने के बजाय केवल हंगामा और अफवाह फैलाने में जुटा रहा।

भट्ट ने कहा कि कांग्रेस द्वारा सड़क से लेकर सदन तक जन मुद्दों पर लड़ने की बातें महज एक शिगूफा साबित हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों ने मानसून सत्र में जनता के मुद्दे उठाने की बजाय नींद पूरी की और अपने ऊपर लगे मुकदमों को लेकर हंगामा खड़ा किया।

“सदन नींद, हंगामा और राजनीति के लिए नहीं होता”

भट्ट ने गैरसैण सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा की गई तोड़फोड़ और अराजकता की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्षी विधायकों ने सदन की मर्यादा को तार-तार किया और संवेदनशील मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की। वहीं सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रभावित क्षेत्रों जैसे धराली, पौड़ी आदि में राहत और बचाव कार्यों को सक्रियता से चला रही है।

भट्ट ने कांग्रेस नेताओं पर रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत राशि को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप भी लगाया और कहा कि इस समय सहयोग की आवश्यकता थी, लेकिन विपक्ष नकारात्मक राजनीति में ही उलझा रहा।

“कांग्रेस को जनहित से कोई लेना-देना नहीं”

भट्ट ने कहा कि यदि विपक्ष जिम्मेदारी से व्यवहार करता, तो मानसून सत्र के दौरान आपदा से निपटने की योजनाओं पर सर्वदलीय सहमति बन सकती थी। लेकिन विपक्ष ने न तो जनता के मुद्दों को उठाया और न ही किसी क्षेत्रीय विकास की बात की।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के विधायकों को अपने क्षेत्रों की चिंता नहीं थी। वे नैनीताल में हुए अराजक प्रदर्शन पर हुई कानूनी कार्रवाई से ही व्यथित दिखे।”

“सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया”

घनश्याम भट्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार ने विपक्ष के अवरोधों के बावजूद सदन की निर्धारित कार्यवाही को पूरा किया, जिसमें अनुपूरक बजट और कई विधेयकों की मंजूरी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मंशा केवल सत्र में अव्यवस्था फैलाने की थी, इसलिए सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना एकमात्र उचित विकल्प था।

“सपनों में खोए रहे कांग्रेस नेता”

जिलाध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा, “कांग्रेस के पास जनहित को लेकर कोई मुद्दा नहीं था। उनके नेता सपनों की दुनिया में खोए रहे और सदन में सोते नजर आए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन प्रतिनिधियों को जनता की आवाज बनना था, वे अपनी ही नींद और नाराजगी में उलझे रहे।”