

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर ;’ पंकज सक्सेना


हल्द्वानी। राजकीय सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने छह महीने से लंबित वेतन को लेकर मंगलवार को अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया। कॉलेज प्रशासन की अनदेखी से नाराज़ कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में भीख मांग कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने प्राचार्य का घेराव भी किया और जल्द वेतन भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।



बता दें कि संविदा कर्मचारी बीते 16 दिनों से कार्य बहिष्कार पर बैठे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन या शासन स्तर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं और मकान मालिक मकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं। कई कर्मचारी तो भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।




प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा, “हम दिन-रात सेवा देते हैं, लेकिन बदले में हमें वेतन तक नहीं मिल रहा। हमारे छोटे-छोटे बच्चे भूखे हैं, और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।”


प्रशासन की सफाई

इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने सफाई देते हुए कहा कि वेतन भुगतान को लेकर शासन को कई बार पत्र और रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन बजट की अनुपलब्धता के कारण भुगतान नहीं हो पाया है। प्राचार्य का यह भी कहना है कि शासन के निर्देशानुसार संविदा कर्मचारियों को अस्थायी रूप से कार्य न करने के लिए मना किया गया था, परंतु इन कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से सेवाएं जारी रखीं।

प्राचार्य ने यह भी आश्वासन दिया कि बजट प्राप्त होते ही वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों की चेतावनी

वेतन न मिलने से आक्रोशित कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो वे उग्र आंदोलन और संस्थान में तोड़फोड़ करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।



