


स्थान: सितारगंज
रिपोर्ट: मो आरिफ

जहाँ एक ओर सरकार मानसून सत्र से पहले आमजन की सुविधाओं के लिए तैयारियों का दावा करती है, वहीं सितारगंज में इसका उलटा नज़ारा देखने को मिल रहा है। बरसात शुरू होते ही मुख्य बाजार और जेल कैंप मार्ग पर जलभराव की समस्या सिर उठा लेती है।



हल्की बारिश में भी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे दुकानों में पानी घुसने लगता है और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।


नालों की ऊँचाई और निकासी की कमी बनी समस्या
स्थानीय व्यापारी सतवीर सिंह नीनू ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा नाले मुख्य सड़कों से ऊँचे बना दिए गए हैं, जिसके कारण बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है। साथ ही, नालों के मुंह छोटे कर दिए गए हैं, जिससे जल निकासी की क्षमता घट गई है।



उन्होंने बताया कि जब भी हल्की या मध्यम बारिश होती है, सड़कों पर पानी का बहाव बना रहता है, जिससे दुकानें जलमग्न हो जाती हैं और नागरिकों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है।


व्यापारियों की मांग: नालों का पुनर्निर्माण हो
नीनू समेत अन्य व्यापारियों ने PWD से मांग की है कि नालों की ऊंचाई को सड़क से नीचे किया जाए और निकासी के रास्ते चौड़े किए जाएं, ताकि मानसून में जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।



निष्कर्ष:
हर साल बरसात में दोहराई जाने वाली यह समस्या स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। आमजन और व्यापारी अब समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।




