

रिपोर्ट:ऋषि कपूर,

हल्द्वानी

बारिश के इस मौसम में जहां एक ओर पहाड़ों का प्राकृतिक सौंदर्य चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कुछ युवाओं की रील बनाने की लत अब खतरनाक रूप लेती जा रही है। काठगोदाम से सामने आई तस्वीरों ने प्रशासन और आम लोगों को चिंता में डाल दिया है, जहां कई युवा तेज बहाव वाले झरनों, गाढ़ेरों और नालों के किनारे खतरनाक स्टंट करते हुए फोटो और वीडियो बनाते देखे गए।



पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। इससे नालों और झरनों में पानी का बहाव बहुत तेज हो गया है। प्रशासन की ओर से बार-बार चेतावनी दी जा रही है कि लोग ऐसे स्थानों से दूर रहें, लेकिन कुछ युवाओं की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही।



प्रशासन के अनुसार, “जरा सी चूक किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में अपनी जान जोखिम में डालना नासमझी है।”
स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीमें इन संवेदनशील इलाकों में अलर्ट मोड पर हैं और लगातार गश्त कर रही हैं। प्रशासन द्वारा युवाओं और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें, लेकिन किसी भी सूरत में अपनी जान से खिलवाड़ न करें।


स्थानीय निवासियों ने भी जताई चिंता
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ युवा पर्यटक गाड़ियों से उतरते ही सीधे झरनों के पास पहुंच जाते हैं और खतरनाक पोज़ और वीडियो शूटिंग करने लगते हैं। कई बार पुलिस द्वारा हटाए जाने के बावजूद कुछ लोग दोबारा लौट आते हैं।


फिलहाल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित या खतरनाक क्षेत्र में पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अपील:
प्राकृतिक दृश्य भले ही आकर्षक हों, लेकिन अपनी और अपनों की ज़िंदगी को खतरे में डालना किसी भी तरह से समझदारी नहीं है। एक वायरल रील के पीछे न जाएं, क्योंकि ज़िंदगी दोबारा नहीं मिलती।



