


रिपोर्ट – संजय कुंवर
बद्रीनाथ धाम

मानसून सीज़न की झमाझम बारिश के बीच भी श्री बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुगमता से जारी है। सोमवार को करीब 3100 श्रद्धालु भगवान श्री बदरीविशाल के दर्शन के लिए बदरीपुरी पहुंचे।



इसी बीच एक अनुकरणीय पहल के तहत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के हिमवीर जवानों ने बीकेटीसी (बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) और बद्रीनाथ पुलिस के सहयोग से मंदिर परिसर, सिंहद्वार क्षेत्र और परिक्रमा पथ पर बृहद स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया।


सेवा और समर्पण की मिसाल
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि आईटीबीपी के जवान पूरी तन्मयता और श्रद्धा से मंदिर की सीढ़ियों और परिसर की सफाई कर रहे हैं। यह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि तीर्थ स्थलों की पवित्रता और आध्यात्मिकता को संजोने का एक प्रेरणादायक प्रयास है।



जवानों का यह प्रयास न केवल धाम की दिव्यता और भव्यता को बनाए रखने के लिए है, बल्कि देशभर से आने वाले तीर्थयात्रियों को यह सकारात्मक संदेश भी देता है कि हर श्रद्धालु का कर्तव्य है कि वह तीर्थस्थलों की स्वच्छता और गरिमा में योगदान दे।


धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रीय सेवा का समन्वय
नीति-माणा घाटी के ऊंचे पर्वतीय दर्रों और सीमांत इलाकों की चौकसी में तैनात ITBP के जवान जहां सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, वहीं उनके द्वारा इस प्रकार का स्वच्छता सेवा भाव उनके कर्तव्यनिष्ठ और बहुआयामी योगदान को दर्शाता है।





आईटीबीपी के यह हिमवीर, सुरक्षा के साथ-साथ श्री बद्रीनाथ धाम की पवित्रता, पर्यावरणीय संतुलन और आध्यात्मिक वातावरण को बनाए रखने में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

संदेश:
“स्वच्छ तीर्थ, श्रेष्ठ तीर्थ” – यह पहल न केवल एक सफाई अभियान है, बल्कि आगंतुकों के भीतर आध्यात्मिक अनुशासन और जिम्मेदारी का भाव जगाने का प्रयास भी है।



