

स्थान : हरिद्वार


मनसा देवी रोपवे हादसे के बाद हरिद्वार प्रशासन ने तीर्थनगरी में अराजकता और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अगुवाई में चंडी देवी मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया, जिसमें प्रसाद विक्रेताओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया।



भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने यह बड़ा निर्णय लिया है। श्यामपुर थाना पुलिस की मौजूदगी में मंदिर मार्ग पर कब्जा जमाए दुकानदारों को हटाया गया। कई दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे सभी को हटना पड़ा।



जांच के बाद पहचान किए गए पांच लोगों — जिनमें एक महिला भी शामिल है — के खिलाफ अतिक्रमण और अवरोध उत्पन्न करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में चंडी देवी मंदिर समिति भी प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से शामिल रही।



इस बीच मनसा देवी मंदिर परिसर में प्राथमिक उपचार केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया कि तीर्थनगरी में अब लापरवाही, अव्यवस्था और अवैध कब्जों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा,

“श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। मंदिरों के मार्गों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।“


प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग और श्रद्धालु संतोष व्यक्त कर रहे हैं, जबकि अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।



