

रिपोर्टर : शहजाद अली
स्थान : हरिद्वार


मनसा देवी मंदिर में हुए भगदड़ हादसे के बाद जहां श्रद्धालुओं में आक्रोश है, वहीं अब इस घटना पर सियासत भी तेज़ हो गई है। रविवार को हुई इस दुखद घटना में छह श्रद्धालुओं की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। भीड़-प्रबंधन में भारी चूक सामने आने के बाद अब विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है।



घटना स्थल का जायज़ा लेने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन मेहरा ने प्रशासन पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सरकार धार्मिक आयोजनों को केवल वोट बैंक की तरह देख रही है, जबकि ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस इंतज़ाम नहीं किए जाते।”


करन मेहरा ने दावा किया कि उनके पास मंदिर परिसर में करंट फैलने के सबूत मौजूद हैं और इस पूरे मामले की जांच सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए।



उन्होंने कहा कि दर्शन मार्गों को एकतरफ़ा न करने की चूक भारी पड़ी और सुरक्षा-व्यवस्था में NCC जैसे स्वयंसेवी युवाओं की मदद ली जा सकती थी, मगर ऐसा नहीं किया गया।

कांवड़ यात्रा पर टिप्पणी करते हुए मेहरा ने कहा कि अधिक जल ले जाने की होड़ खतरनाक होती जा रही है। “कांवड़िए मटकों में जल लेकर चलते हैं, जिसकी कोई जांच नहीं होती। ऐसे में कुछ भी लाया या ले जाया जा सकता है। यहां तक कि आतंकवादी भी इसमें शामिल हो सकते हैं,” उन्होंने चेतावनी दी।


हालांकि सरकार की ओर से अभी तक करन मेहरा के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन जिला प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं।



