

रुड़की
संवाददाता – प्रवेश राय

सावन के पवित्र माह में जब हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही शिवभक्तों की कांवड़ यात्रा सालियर गांव पहुंची,



तो वहां का नज़ारा भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बन गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कांवड़ यात्रियों पर फूलों की वर्षा कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।



यह दृश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति की गंगा-जमुनी तहज़ीब को भी जीवंत करता दिखा। हर तरफ “हर हर महादेव” के जयघोष के बीच मुस्लिम समाज के इस प्रेम और सद्भाव ने सभी को भावुक कर दिया।



दूसरी ओर, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना नजर आया। पुलिस बल देर रात तक गांव में मुस्तैद रहा, जिससे कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से आगे बढ़ सकी।


प्रशासन की तैयारी:
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं, ड्रोन कैमरों से निगरानी के साथ-साथ चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

सांप्रदायिक सौहार्द की सराहना:
गांव के बुजुर्गों और स्थानीय नेताओं ने इस अनोखी पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे उदाहरण देश में भाईचारे और एकता को मजबूत करने का काम करते हैं।


यह दृश्य सिर्फ श्रद्धा का नहीं, बल्कि भारत की साझी संस्कृति और आपसी प्रेम का प्रतीक बनकर सामने आया।


