रेलवे की नापजोख कार्रवाई के खिलाफ क्षेत्रवासियों ने बनाई संघर्ष समिति, आंदोलन की रणनीति तय

रेलवे की नापजोख कार्रवाई के खिलाफ क्षेत्रवासियों ने बनाई संघर्ष समिति, आंदोलन की रणनीति तय

लोकेशन :- लालकुआँ
रिपोर्टर :- मुन्ना अंसारी

रेलवे प्रशासन द्वारा बीते दिनों संजय नगर कॉलोनी स्थित फलहारी बाबा मंदिर से लेकर राजीव नगर बंगाली कॉलोनी तक की गई नापजोख कार्रवाई के विरोध में स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी के चलते सोमवार को जाल ग्राउंड में क्षेत्रवासियों ने एक बैठक आयोजित कर ‘संयुक्त संघर्ष समिति’ का गठन किया और आगे के आंदोलन की रणनीति तय की।

बैठक में उपस्थित लोगों ने रेलवे द्वारा की गई माप-जोख की कार्रवाई को जनविरोधी बताते हुए कहा कि यदि इस पर अभी से रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो सकते हैं।

संघर्ष का ऐलान, कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी

संघर्ष समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि रेलवे विभाग ने दोबारा क्षेत्र में आकर नापजोख की कार्यवाही की, तो उसका एकजुट होकर कड़ा विरोध किया जाएगा। साथ ही बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो विधिक राय लेकर न्यायालय की शरण में जाने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कॉलोनी में वर्षों से लोग रह रहे हैं और उनका जीवन यापन पूरी तरह यहां के घरों पर निर्भर है। रेलवे प्रशासन की यह कार्रवाई बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या पूर्व सूचना के की जा रही है, जो पूरी तरह अमानवीय और अनुचित है।

लालकुआं में फैला असंतोष

रेलवे की इस कार्रवाई को लेकर लालकुआं क्षेत्र में गहरी नाराज़गी फैली हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक कॉलोनी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हजारों परिवारों के अस्तित्व और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।

संघर्ष समिति ने प्रशासन से अपील की है कि स्थानीय निवासियों की भावनाओं और हक की अनदेखी ना की जाए, और किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले जनता को भरोसे में लेकर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।