हल्द्वानी की पनियाली जिला पंचायत सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, भाजपा के भीतर बगावत से चुनाव दिलचस्प

हल्द्वानी की पनियाली जिला पंचायत सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, भाजपा के भीतर बगावत से चुनाव दिलचस्प

रिपोर्टर पंकज सक्सेना

हल्द्वानी,

उत्तराखंड के पंचायत चुनाव में हल्द्वानी की पनियाली ग्राम सभा की जिला पंचायत सीट इस बार रोमांच का केंद्र बन गई है। सीट पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।

भाजपा ने आधिकारिक रूप से बेला तोलिया को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, लेकिन उनके ही दल से जुड़े दो अन्य दिग्गजों की पत्नियाँ भी मैदान में हैं—प्रमोद बोरा की पत्नी और लखन सिंह नकटिया की पत्नी, जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर दावेदारी पेश की है। इस बगावत से भाजपा को अंदरूनी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

बेला तोलिया को जनता का समर्थन मिलने का दावा

प्रत्याशी बेला तोलिया ने प्रचार के दौरान कहा, “मुझे जनता का जो स्नेह और आशीर्वाद मिल रहा है, उससे यह तय है कि इस बार भारी मतों से मेरी जीत सुनिश्चित है।” उन्होंने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सिर्फ भाजपा को कमजोर करने के लिए मैदान में हैं और जनता को भ्रमित कर रहे हैं। “वो लोग पार्टी के पूर्व सदस्य थे, जिन्हें भाजपा ने सभी पदों से मुक्त कर दिया है,” तोलिया ने आरोप लगाया।

विधायक बंशीधर भगत का समर्थन

पनियाली में प्रचार के दौरान पहुंचे कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत ने भी खुलकर बेला तोलिया के समर्थन में आवाज़ बुलंद की। उन्होंने कहा, “यदि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को नहीं जिताया गया तो पनियाली ग्राम सभा के विकास में बाधा आ सकती है। क्योंकि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, तो विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए पार्टी उम्मीदवार का जीतना जरूरी है।”

विधायक भगत ने आगे कहा कि बेला तोलिया को जिला पंचायत सदस्य ही नहीं, बल्कि आगे जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में भी देखा जा सकता है।

तीनों प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर

जानकारों के अनुसार, तीनों प्रत्याशी लगभग बराबरी की स्थिति में हैं और पूरा चुनाव क्षेत्र तीन हिस्सों में बंटा हुआ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि हर उम्मीदवार अपनी पूरी ताकत झोंक कर डोर-टू-डोर प्रचार, जनसभाओं और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए वोटरों को साधने में जुटा है।