

रिपोर्टर : संजय जोशी
स्थान : रानीखेत


राजनीतिक और पत्रकारिता जगत से एक शोकदायक खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री नरेंद्र रौतेला का शनिवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। कुछ दिनों पूर्व उनका स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया था, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था।


राजनीति और पत्रकारिता में दीर्घकालिक योगदान

नरेंद्र रौतेला ने वर्ष 2002 में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के टिकट पर रानीखेत विधानसभा सीट से मजबूती से चुनाव लड़ा। इसके पश्चात उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा, जहां उन्हें दर्जा राज्य मंत्री का पदभार सौंपा गया।


वे कांग्रेस में भी सक्रिय रहे और प्रदेश सह प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। हालांकि बाद में वे पुनः भाजपा में लौट आए और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। साथ ही वे एक सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार भी रहे, जिनका क्षेत्रीय मीडिया में विशेष योगदान रहा।


शोक संवेदनाएं और श्रद्धांजलि
उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी, मोहन नेगी, विमल सती, गिरीश भगत, मुकेश फर्त्याल, महेंद्र सिंह रौतेला, कमलेश बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश रौतेला, हरीश हर्बोला, मदन मेहरा, हरीश लाल साह, विहिप जिलाध्यक्ष हर्ष पंत, नवल पांडे, राजेंद्र जसवाल, ललित बनकोटी, पत्रकार संजय जोशी आदि ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

वहीं नैनीताल के सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, राज्य मंत्री कैलाश पंत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि नरेंद्र रौतेला का योगदान सदैव याद रखा जाएगा।


निष्कर्ष:

नरेंद्र रौतेला का जीवन पत्रकारिता, जनसेवा और राजनीति को समर्पित रहा। उनके निधन से उत्तराखंड ने एक प्रखर वक्ता, विचारक और जनप्रिय नेता को खो दिया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति दे।



