


रिपोर्टर – अंजली पंत

स्थान – कैंची धाम /भवाली

विश्व प्रसिद्ध कैची धाम का स्थापना दिवस इस वर्ष भी भारी उत्साह, आस्था और दिव्यता के साथ मनाया जा रहा है। आधी रात से ही बाबा नीम करौली महाराज के जयकारों और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया। सुबह होते-होते मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।



बाबा की भक्ति में लीन हुआ धाम
रात्रि से ही शुरू हुए भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार ने माहौल को भक्तिमय कर दिया। श्रद्धालु बाबा के स्मरण में गाते-बजाते धाम में पहुंचे और दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु बाबा के चरणों में शीश नवाने उमड़ पड़े।



प्रशासन की व्यवस्था रही चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। पिछले वर्षों में जाम और अव्यवस्था को देखते हुए इस बार हल्द्वानी से कैची धाम तक शटल सेवा के जरिए भक्तों को पार्किंग स्थल से मंदिर तक पहुंचाया गया।
सड़क पर लगने वाले जाम से बचाव हेतु ट्रैफिक रूटों को पहले से निर्धारित किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीमें, एम्बुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी मौके पर तैनात किए गए।



सेवा शिविरों में दिखा समर्पण
बाबा के भक्तों ने श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क जलपान, फल, चाय-पानी, प्रसाद और अन्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की। सेवा शिविरों में चाय, बिस्कुट, पानी की बोतलें, फल व प्रसाद लगातार वितरित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने इस सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि यह सच्ची भक्ति और मानव सेवा का उदाहरण है।



लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, शाम तक दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना है। लगातार श्रद्धालुओं का आगमन जारी है और मंदिर परिसर सहित आसपास का क्षेत्र श्रद्धा की लहरों में डूबा हुआ है।

जाम रहित मेला बना मिसाल
इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि पूरा मेला क्षेत्र जाम मुक्त रहा। प्रशासन द्वारा बनाई गई योजना सफल रही और श्रद्धालु सुगमता से बाबा के दर्शन कर पाए। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की।


