


रिपोर्ट – भगवान सिंह पौड़ी

पौड़ी, 1३ जून
पौड़ी जिले में गुलदार और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली छात्रों, मीडिया कर्मियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में गुलदार के व्यवहार, हमलों की प्रवृत्ति, और इन घटनाओं की मीडिया रिपोर्टिंग के प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई।




कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि गुलदार से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग न केवल जागरूकता फैलाने का कार्य करती है, बल्कि इससे नीति निर्धारण में भी मदद मिलती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वन्य जीव सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों, मीडिया, पुलिस और स्थानीय निकायों की भी अहम भूमिका है।



विशेषज्ञों की मौजूदगी और सुझाव:
कार्यशाला में तितली ट्रस्ट के संजय सोंधी, वन्य जीव संरक्षण सोसाइटी भारत की दीप्ति हुम्रसकर और निकत सुर्वे, तथा असर संस्था से विराट सिंह ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने गुलदार-मानव संघर्ष से जुड़े शोध, अनुभव और न्यूनीकरण प्रयासों की जानकारी साझा की और प्रतिभागियों के सवालों के उत्तर भी दिए।


जिले में 453 गुलदार, संघर्ष में आई कमी:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि जिले में गुलदारों की संख्या बढ़कर 453 हो गई है, फिर भी संघर्ष की घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने “गुलदार कु दगड़िया” कार्यक्रम को एक अभिनव पहल बताया, जो जन जागरूकता और स्थानीय सहभागिता पर आधारित है।
प्रशासनिक सहयोग पर ज़ोर:
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने पुलिस और नगर निकायों को निर्देश दिए कि वे गुलदार की सक्रियता वाले क्षेत्रों की पहचान कर उसका डेटा अपडेट करें। उन्होंने शिक्षा विभाग से बच्चों में जागरूकता लाने की भी अपील की।



यूकेडी ने उठाए सवाल:
इस कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि गुलदार पहाड़ी जिलों में बड़ी समस्या बन चुका है और पलायन का कारण भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग समाधान की बजाय सिर्फ बजट खर्च करने के लिए ऐसे कार्यक्रम कर रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र से विशेषज्ञ बुलाने और वन कानूनों में संशोधन की आवश्यकता पर भी बात कही। उन्होंने कहा कि वन विभाग को इस मुद्दे को लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए।



कार्यशाला में अधिकारी रहे उपस्थित:
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, डीएफओ सिविल सोयम पवन नेगी, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, एएसपी अनूप काला, एसडीओ आयशा बिष्ट व लक्की शाह, जिला शिक्षाधिकारी रणजीत सिंह नेगी सहित कई अधिकारी व मीडियाकर्मी मौजूद रहे।



