उत्तराखंड को मिलेगी रोपवे परियोजनाओं की सौगात, नितिन गडकरी ने दी चरणबद्ध स्वीकृति की बात

उत्तराखंड को मिलेगी रोपवे परियोजनाओं की सौगात, नितिन गडकरी ने दी चरणबद्ध स्वीकृति की बात

रिपोर्ट – सचिन कुमार

देहरादून। उत्तराखंड में रोपवे नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य सरकार के प्रस्तावों पर चरणबद्ध स्वीकृति देने का आश्वासन दिया है। देहरादून स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए 50 से अधिक रोपवे परियोजनाओं के प्रस्तावों की समीक्षा नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) द्वारा की जा रही है और इन्हें चरणबद्ध तरीके से मंजूरी दी जाएगी।

मानसखंड मंदिर माला मिशन से जुड़े रोपवे को मिलेगी राष्ट्रीय राजमार्ग की मान्यता

राज्य सरकार ने मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत प्रमुख मंदिरों को जोड़ने के लिए 508 किलोमीटर लंबी 20 रोपवे परियोजनाओं को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का अनुरोध किया है। इनकी कुल अनुमानित लागत 8000 करोड़ रुपये बताई गई है।
प्रथम चरण में 1000 करोड़ रुपये की मांग केंद्र को भेजी गई है, ताकि भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके।

राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक के दौरान गडकरी ने उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, एलिवेटेड रोड, और पुल निर्माण को लेकर चल रही योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने हरिद्वार से धर्मावाला, हरिपुर कलां से बड़कोट तक 15 किलोमीटर एलिवेटेड रोड, जुड्डो से लखबाग तक सड़क चौड़ीकरण, और अन्य पुलों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने की बात कही।

देहरादून को मिल सकती है हवा में चलने वाली डबल डेकर बस सेवा

शहरी ट्रैफिक प्रबंधन पर बात करते हुए नितिन गडकरी ने देहरादून की यातायात समस्या को दूर करने के लिए हवा में चलने वाली डबल डेकर बस सेवा शुरू करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा:

“एक प्रस्ताव भेजो, मैं हवा में चलने वाली डबल डेकर बस चलवा दूंगा।”

गडकरी का आश्वासन: पर्यटन और कनेक्टिविटी में होगा बड़ा सुधार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में रोपवे परियोजनाएं न केवल तीर्थ और पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन को भी सुगम बनाएंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने पर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा।