हरिद्वार जमीन घोटाले पर बोले पूर्व सीएम हरीश रावत — “बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता इतना बड़ा घोटाला”

हरिद्वार जमीन घोटाले पर बोले पूर्व सीएम हरीश रावत — “बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता इतना बड़ा घोटाला”

देहरादून। हरिद्वार नगर निगम की जमीन से जुड़े कथित घोटाले पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घोटाले को “राजनीतिक संरक्षण प्राप्त सुनियोजित भ्रष्टाचार” करार देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घोटाले के पीछे कई “सफेदपोश” चेहरे छिपे हैं, जो धीरे-धीरे उजागर होंगे। रावत ने यह भी दावा किया कि “ऐसे कई और जिलाधिकारी सामने आ सकते हैं,” जो इस मामले में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।

“प्राधिकरण बन चुके हैं घोटालों के अड्डे”

हरीश रावत ने नगर निगम और शहरी विकास प्राधिकरणों को निशाने पर लेते हुए कहा कि,

“इन प्राधिकरणों को विकास का केंद्र बनाने की बजाय, इन्हें घोटालों के अड्डे बना दिया गया है। इन संस्थाओं में पारदर्शिता का अभाव है और राजनीतिक दबाव में कार्य होते हैं।”

न्यायिक जांच की भी मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की भी मांग की है। उनका कहना है कि:

“जब तक इस घोटाले की जांच स्वतंत्र न्यायिक एजेंसी या सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक सच्चाई सामने आना मुश्किल है। इतना बड़ा घोटाला उच्च स्तरीय राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव ही नहीं।”

प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर सवाल

हरीश रावत ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों को बचाने के लिए कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।